अश्विन सांघी की “सियालकोट गाथा” एक बहु-परत वाला थ्रिलर है जो इतिहास और समकालीन घटनाओं को एक साथ बुनता है। यह कहानी 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय सियालकोट से शुरू होती है और फिर 1950 के दशक से लेकर 2010 तक के भारत के समकालीन इतिहास को समेटती है।
इस कहानी के दो मुख्य पात्र हैं, अरविंद और अरबाज़, जिनके जीवन आपस में जुड़े हुए हैं। अरविंद एक व्यवसायी है जो कोलकाता के एक मारवाड़ी परिवार से आता है, जबकि अरबाज़ मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ है। दोनों ही महत्वाकांक्षी हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में सफल होने के लिए हर नियम को तोड़ते हैं। उनकी प्रतिद्वंद्विता की कहानी के साथ-साथ, लेखक ने सम्राट अशोक के समय के एक प्राचीन रहस्य को भी जोड़ा है, जिसे इन दोनों पात्रों द्वारा खोजा जाता है।
यह पुस्तक व्यापार, राजनीति, प्रेम, और नफरत के ताने-बाने को बुनती है, और भारत के प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं, जैसे कि लातूर-भुज के भूकंप और 26/11 के आतंकवादी हमले, को भी कहानी में शामिल करती है।
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