स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखित “मन की शक्तियाँ तथा जीवनगठन की साधनायें” एक गहन और प्रेरणादायक पुस्तक है जो पाठकों को उनके मन की असीमित शक्तियों को पहचानने और उनका उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन करती है । इस पुस्तक में, स्वामीजी ने आत्म-ज्ञान की साधनाओं और विधियों पर विस्तार से चर्चा की है, जो अलग-अलग व्यक्तियों के स्वभाव और प्रवृत्तियों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं ।
पुस्तक का उद्देश्य व्यक्ति को उनके जीवन के चरम लक्ष्य, यानी पूर्णता, तक पहुँचाना है। स्वामीजी के सिद्ध महात्मा होने के कारण, उन्हें उन सभी साधनाओं का पूर्ण ज्ञान था जो साधक को आत्म-अनुभूति प्राप्त करने में सहायक होती हैं । यह पुस्तक उन लोगों के लिए एक बहुमूल्य संसाधन है जो आत्म-सुधार और आध्यात्मिक विकास की दिशा में काम करना चाहते हैं।
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