“ये दिल मांगे मोर!”
कैप्टन विक्रम बत्रा के इन शब्दों ने कारगिल युद्ध के दौरान पूरे देश में जोश भर दिया था। जी.एल. बत्रा द्वारा लिखित यह पुस्तक आपको एक बहादुर बेटे, एक समर्पित सैनिक और एक सच्चे देशभक्त की अविस्मरणीय कहानी बताती है। यह पुस्तक न केवल युद्ध के मैदान में उनके साहस और वीरता का वर्णन करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे उन्होंने अपने जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को पाट दिया।
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